
भक्ति से है भगवान
भगवान हमारी आस्था और विश्वास का परिणाम है. मन में भक्ति हो तो पत्थर में भी भगवान नजर आते हैं. अपने देश में गंगा की धारा के साथ धर्म, साहित्य, संस्कृति, कला और ज्ञान वैदिक युग से बह रहे हैं. अपने अस्तित्व के धरातल को पकड़े रहकर ही हम नई बुलंदियों को छूकर सही मायने में उन्नत हो सकते हैं. देश के हर कोने में बसे तीर्थ स्थान और धार्मिक स्थलों में गूंजते वैदिक ऋचाओं के पाठ के साथ हम नई ऊर्जा का समावेश आपके जीवन में करना चाहते हैं ‘भक्ति’ में धर्म और सांप्रदाय से जुड़ी मान्यताओं, परंपराओं के साथ उन्नति और आधुनिकता का समन्वय करने का हमारा प्रयास है. इस वेबसाइट के माध्यम से हम भक्ति की शक्ति को आज के दौर में सार्थक करने का रास्ता दिखा रहे हैं.
अंतरआत्मा की आवाज
भगवान हमारे अंदर बसते हैं उन्हें बाहर ढूंढने वाले बस पाखंड और कुरीतियों को बढ़ावा देने का काम ही करते हैं. भक्त भगवान को पाने की चाह में अगर अच्छा इंसान बन जाये तो ही उसका जीवन सफल हो सकता है. ‘भक्ति’ आपको खुद से मिलने का मौका दे रहा है इस कॉलम में आप पढ़ेंगे ऐसे लोगों के बारे में जो भगवान की भक्ति में लीन होकर समाज को एक नई दिशा देने में कामयाब हुए. उनका जीवन ही भक्ति बन गया और समाज के लिये प्रेरणा बनकर वो अमर हो गये

LOVING GOD
LOVING OTHERS IN THE WORLD
we have committees anyone can join.
